निपुण लक्ष्य
भारत सरकार सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण देखभाल और शिक्षा तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 इसे सुनिश्चित करने और सभी प्रयासों को सतत विकास लक्ष्यों 2030 के साथ संरेखित करने के उपायों की पुरज़ोर सिफ़ारिश करती है। नीति के अनुसार, 2026-27 तक कक्षा 3 के अंत तक सार्वभौमिक बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता प्राप्त करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसमें आगे कहा गया है कि, “यदि यह सबसे बुनियादी शिक्षा (बुनियादी स्तर पर पढ़ना, लिखना और अंकगणित) पहले हासिल नहीं की जाती है, तो हमारे छात्रों के इतने बड़े हिस्से के लिए बाकी नीति काफी हद तक अप्रासंगिक होगी।”
इसी दृष्टिकोण के साथ, भारत सरकार ने 2026-27 तक अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए 5 जुलाई, 2021 को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता पर राष्ट्रीय मिशन शुरू किया। इस मिशन को ‘समझ और संख्यात्मकता के साथ पठन में दक्षता हेतु राष्ट्रीय पहल’ (निपुण भारत) के नाम से जाना जाता है। शिक्षा मंत्रालय (MoE) का स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (DoSE&L) राष्ट्रीय स्तर पर निपुन भारत मिशन का कार्यान्वयन एजेंसी है। इस मिशन के कार्यान्वयन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निपुन भारत मिशन के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु गतिविधियाँ सुनिश्चित करनी होंगी।